Saturday, April 18, 2020

All Colours Name List In Hindi And English (pdf) - रंगों के नाम

All Colours Name List In Hindi And English (pdf) - रंगों के नाम

colours name आज के इस आर्टिकल में हम आपको colours name in hindi में जानकारी देने वाले हैं क्योंकि हमने देखा कि color name list के बारे में लोग गूगल पर ज्यादा सर्च कर रहे हैं। इसीलिए हमने सोचा कि आज के आर्टिकल में all colorus name के बारे में जानकारी दी जाए।
All Colours Name List In Hindi And English (pdf) - रंगों के नाम
colours name - color name list - rango ke naam
अगर देखा जाए तो भारत में होली जैसे त्यौहार में रंगों का अधिक महत्व होता है इस त्यौहार में सभी लोग एक दूसरे को रंगों से रंग देते हैं और आनंद मनाते हैं। Colors means special importance in our life. They hold a special place in our life. Each color has its own special significance.

Colours Name In Hindi And English

इसे पहले के लेख में हमने आपको 100+ flowers name in hindi and english में जानकारी दी है तो इसे पढ़ना ना भूले और आज के इस लेख में हम all color name list देने वाले हैं जो इस color name list को आप pdf में भी डाउनलोड कर सकते हैं क्योंकि colours name के बारे में अक्सर छात्रों को शिक्षा के दौरान या होमवर्क में लिखने को कहा जाता है जो बच्चें सभी प्रकार के rango ke naam को हिंदी और अंग्रेजी में नहीं लिख पाते हैं।

हम रोज अपनी लाइफ में विविध प्रकार के रंगों को देखते हैं जो हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसीलिए स्कूल में बच्चों को colours name की जानकारी के विषय में सिखाया जाता है इसीलिए हम यहां पर आपको all color name list in hindi and english में देने वाले हैं। So let's know all the colors name information in Hindi and English.

Color Name List In Hindi And English

#     Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
1 Azure एज्‍योर आसमानी
2 Black ब्‍लैैक काला
3 Blue ब्‍लू नीला
4 Brown ब्राउन भूरा
5 Beige बेज मटमैला
6 Bright ब्राइट चमकीला
7 Bronze ब्रोंज तांबा
8 Crimson क्रिमसन गहरा लाल
9 Carrot Colorकैरट कलर कत्थई
10 Dusky डस्‍की राख सा रंग
Rango Ke Naam
#     Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
11 Dark blue डार्क व्‍लू गहरा नीला
12 Golden गोल्‍डन सुनहरा
13 Grey ग्रे धूसर - सलेटी
14 Green ग्रीन हरा
15 Khaki खाकी खाकी
16 Indigo इन्डिगो नीला
17 Lemon लेमन हल्‍का पीला
18 Light blue लाइट व्‍लू हल्‍का नीला
19 Maroon मैरून गहरा लाल
20 Mauve मॉव चमकीला गुलाबी
All Colorus Name
#    Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
21 Orange ऑरेन्‍ज नारंगी
22 Pale पेल हल्‍का पीला
23 Pink पिंक गुलाबी
24 Purple पर्पल बैंगनी
25 Red रेड लाल
26 Rosy रोजी गुलाबी
27 Saffron सैफरॉन केसरीया
28 Silver सिल्‍वर चांदी के रंग सा
29 Turquoise टूरकोइस फिरोजा
30 Violet वायलेट बैंगनी
31 Vermillion वर्मिलियन सिन्‍दूरी
32 White व्‍हाइट सफेद
33 Yellow येलो पीला

रंगों का हमारे जीवन में महत्व 

हमारे जीवन में colours यानी rango का विशेष महत्व है। वे हमारी लाइफ में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं। प्रत्येक रंग का अपना विशेष महत्व है।

रंगों की दुनिया बहुत अजीब है। रंग हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है। वे जीवन में प्रेम, वैविध्य और मिठास को बनाए रखते हैं। रंगों के बिना जीवन नीरस और बेस्वाद हो जाएगा यह हमारे समीप और वातावरण की सभी चीजों को रंग बिरंगी बनाकर हमारे जीवन को मोहक और सार्थक बनाते हैं। पूरी सृष्टि इन सारे रंगों में रंगी हुई है फूल-पौधे, वनस्पतियां, पशु पक्षी, आसमान, सूर्य, इत्यादी और यहां तक कि हमारे कपड़े भी इन रंगों में रंगे होते है जिनसे हमें बहुत आनंद मिलता है।

Red Color :

red color names - लाल रंग

आपका ध्यान आकर्षित करने वाला रंग लाल रंग (Red Color) है, क्योंकि यह सबसे चमकदार यानी स्पष्ट दिखने वाला होता है जो सबकी नजर में तुरंत आ जाता है। कई चीजें जो आपके लिए खास होती है जो लाल रंग से जुड़ी होती है जैसे रक्त का रंग लाल होता है। लाल रंग ऊर्जा, उत्साह, साहस, महत्वाकांक्षा, क्रोध, उत्तेजना और पराक्रम अर्थात जीत का प्रतीक माना जाता है। प्रेम का रंग भी लाल है।

लाल रंग का मतलब भारतीय परंपरा में बहुत है। लाल रंग का प्रयोग हर शुभ अवसर पर किया जाता है। इस रंग को उत्साह, उल्लास और पवित्रता को जोड़कर भी देखा जाता है और प्रेम; क्रोध और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। लाल रंग हिंदू धर्म में सुहाग का प्रतीक माना जाता है यानी कि लाल रंग का प्रयोग किसी भी शुभ कार्य के लिए पहले स्थान पर रहता है।

Pink Color :

pink color names - गुलाबी रंग

यह रंग लाल रंग का परिवर्तन है जो कि श्वेत रंग मिलाने से बनता है। Pink Color यानी गुलाबी रंग सुंदरता का प्रतीक हैं और यह रंग माता लक्ष्मी का प्रतीक चिन्ह भी है। हमारे जीवन में गुलाबी रंग का अधिक महत्व है वैसे सभी रंगों का हमारे जीवन में महत्व है लेकिन खासकर इस गुलाबी रंग महिलाओं की पहली पसंद रहती है और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार जब शादी के बाद पहली बार नववधू घर में प्रविष्ट होती हैं तो उसके पैरों को गुलाबी रंग से रंगा जाता है क्योंकि नवविवाहित दुल्हन को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है।

Green Color :

green color names - हरा रंग

प्रकृति का प्रतीक यह रंग आंखों को सुकून देने वाला होता है। दूर-दूर जहां तक आप की नजर जाएगी आपको हरा रंग (Green Color) नजर आएगा फिर वह पहाड़ों पर दिख रही वनस्पतियां हो या जंगलों में दिख रहा हे पेड़, खेतों में दिख रही फसल हो या मैदानों में दिख रहा घास, हरे रंग में रंगी इन प्रकृति की हरियाली को देखकर हमारा मन प्रसन्न हो जाता है और उदास लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आता है। अगर कहा जाए तो हरा रंग मन में संतुलन, प्रसन्नता, सुख तथा शीतलता देता है।

White Color :

white color name - सफेद रंग

शांति और पवित्रता का प्रतीक सफेद रंग जिसको संस्कृत में श्वेत कहा जाता है इसका कोई अपना रंग नहीं हैं असल में यह रंग सात रंगों का मिश्रण होता है यह अशांत को शांत करता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार करता है।

भारतीय दर्शन शास्त्र के अनुसार, सफेद रंग को स्वच्छता और ज्ञान का प्रतीक भी माना जाता है। सफेद रंग - White Color सच्चाई के रास्ते पर चलने की सीख देता है और सफेद रंग सिखाता है कि व्यक्ति को हमेशा मार्गदर्शन और सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि एक बार आप ने सफेद रंग अपना लिया तो आप अपने आप दूसरे रंगों से दूर हो जाएंगे क्योंकि सात रंगों का मिश्रण सफेद रंग अकेला ही आपको रंगों से भर देगा।

Conclusion and Final Words

यहां पर हमने आपको colours name के बारे में समझाया और आपको color name list दी है जिसमें आपको colours name in hindi और अंग्रेजी में जानकारी दी है। इन color यानी रंगों का हमारे जीवन में क्या महत्व होता है इस बारे में जानने की कोशिश की है क्योकि हमारे जीवन में रंगों का विशेष महत्व रहता है। कोई रंग ऐसा होता है जिनको देखकर हम खुश हो जाते हैं, तो किसी रंग को देखकर हम टेंशन मुक्त हो जाते हैं, इन रंगों को देखकर हमारा मन प्रसन्न हो जाता है हरे-भरे इन प्रकृति के नजारे को देखकर हम ताजा-ताजा महसूस करने लगते हैं।

व्यक्ति के जीवन में रंगों का सबसे ज्यादा महत्व है उसके कपड़ों से लेकर उसके परिवेश तक, उसके निकट की हर चीज में रंगों का सही संतुलन होना बेहद जरूरी है चूंकि रंग ही हमारे स्वभाव और हमारे बर्ताव को बना और बिगाड़ सकता है। अगर आप इसे देखेंगे, तो जो लोग रूखे और गहरे रंग पसंद करते हैं, वे स्वभाव से सुस्त और क्रोधित मन के होते हैं, जबकि जो लोग हल्के और मुलायम रंग पहनते हैं, वे स्वभाव से सरल और सुशील होते हैं।

इसके अलावा आपको हमारी साइट में और भी तरह-तरह की जानकारी के आर्टिकल मिल जाएंगे उसे आप जरुर पढ़े और आपको कोई कमी दिखाई दे तो आप हमें बताएं हम उसे सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे। आपके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है।


धन्यवाद।

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Friday, March 20, 2020

100+ Flowers Name List In Hindi And English - फूलों के नाम

100+ Flowers Name List In Hindi And English - फूलों के नाम

flowers name - flowers name in hindi and english आज के इस लेख में हम आपको तरह तरह के flowers name की flowers name in hindi में जानकारी बताएंगे।

अक्सर छात्रों को शिक्षा के दौरान या होमवर्क में 40 flowers name लिखने के लिए बोला जाता है तो 8 - 10 flowers name in hindi में तो झट से लिख लेते हैं लेकिन बाकी नाम के लिए बच्चें कंफ्यूज हो जाते हैं और घरवालों से पूछते हैं। लेकिन उन्हें भी ज्यादा flowers name list याद नहीं होती हैं क्योंकि पूरी दुनिया में तरह-तरह के बहुत सारे फूल पाए जाते हैं जीन को देखना तो दूर हमें नाम तक याद नहीं होते  हैं। तो ऐसे ही तरह-तरह के सभी flowers name english to hindi में आपको यहां पर जानकारी मिल जाएगी।
flowers name list in hindi and english
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फूलों के बारे में लोग इंटरनेट पर तरह-तरह की क्वेरी करते रहते हैं जैसे scientific name of rose और इसी तरह के क्वेश्चन के आंसर आपको यहां पर मील जाएंगे।

यह पोस्ट भी पढें
All Colours Name List In Hindi And English (pdf) - रंगों के नाम

अगर देखा जाए तो फूलों का यूज़ लोग पुराने जमाने से करते आ रहे हैं जैसे किसी त्यौहार या प्रसंगो पात में शोभा बढ़ाने के लिए, औषधि की बनावट यानी जड़ी बूटियों में फूलों की मांग ज्यादा रहती है जीन का सेवन करने से हम बहुत सारी बीमारियों से बच सकते हैं। अगर कहा जाए तो पूरे विश्व में Flowers की खेती की जाती है। इंडिया में भी फूलों की खेती अधिक होती है।

All Flowers Name In Hindi And English

phoolon ke naam के बारे में ज्ञान होना जरूरी इसीलिए है क्योकि फूलों की हमारे जीवन में एक आवश्यक भूमिका रहती है क्योंकि फूल हमारे जीवन में उत्साह और उमंग का प्रतिक होता है। यह हमें लाइफ में प्रगति करने की प्रेरणा देता है। फूलों की महक और खूबसूरती सबको पसंद आती है। यह हमारे मन को प्रसन्न कर देती है। फूलों की खुशबू हवा को खुशबूदार बना देती है जो हमारे मन को मोहित कर देने वाली होती है।

ऐसे फूलों की जानकारी बच्चों को होनी चाहिए क्योकि स्कूल या किसी एग्जाम में अक्सर flowers name के बारे में पूछा जाता हैं जो बच्चों का इस विषय में ज्ञान होना अति आवश्यक है। इसीलिए hindihelpzone.com के इस आर्टिकल के द्वारा आपको all flowers name list मिलेंगी जहा पर आपको flowers name in hindi एवं flowers name and english में जानकारी मील जाएंगी तो इन सभी phoolon ke naam को जरूर पढ़ें और अपने ज्ञान को बढ़ाएं।

All Flowers Name List In English To Hindi

 #   Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
1 Rose रोज गुलाब
2 Daisy डेज़ी गुलबहार, मोगरा
3 Lily लिली कुमुदनी
4 Balsam ब्लासम गुल मेहंदी
5 Jasmine जैस्मिन चमेली
6 Lotus लोटस कमल
7 Red Lotus रेड लोटस कुमुद
8 Sun flower सन फ्लावर सूरज मुखी
9 Periwinkle पेरिविंकिल सदाबहार
10 Bud बड कली
Flowers Name In Hindi
 #    Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
11 Acacia एकेसिया बबूल
12 Marigold मैरीगोल्ड गेंदे का फूल
13 Hibiscus हीबीस्कूस् गुडहल
14 Narcissus नर्सिसिस नर्गिस
15 Sweet jasmine स्वीट जैस्मिन जूही
16 Cobra Seffron कोब्रा सेफ्रोन नाग चंपा
17 Oleander ओलेंडर कनेर
18 Pandanus पेंडानस केतकी
19 Magnolia मैग्नोलिया चम्पा
20 Star Glory स्टार ग्लोरी कामलता फूल
Ten Flowers Name
#      Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
21 Yellow Oleander येल्लो ओलियंडर पीला कनेर
22 Tribulus terrestris ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस गोखरू
23 Lavender लैवेंडर लैवेंडर के फूल
24 Aloe Vera Flower एलोवेरा फ्लावर घृत कुमारी
25 Crape Jasmine क्रेप जैस्मिन चांदनी फूल
26 Tulip ट्यूलिप कन्द पुष्प
27 Pansy पैन्सी बनफूल
28 Primrose प्रिमरोज़ बसन्ती गुलाब
28 Crossandra क्रॉसेंड्रा अबोली
30 Fir फ़र सनोबर
Flowers Name In Hindi And English
##   Word (शब्द) Diction (उच्चारण) Meaning (अर्थ)
31 Datura धतूरा धतूरे का फूल
32 Lilac लाइलक नीलक
33 Delonix Regia डेलोनिक्स रेजिया गुलमोहर
34 Narcissus नॉरशिसस नरगिस (फूल)
35 Mushroom मशरूम कुकुरमुत्ता
36 Bougainvillea बोगनवेलिया बूगनबेल
37 Hollyhock होल्लीहोक गुलखैरा
38 Jasmine जैस्मिन चमेली
38 Oleander ओलेंडर कनेर
40 Periwinkle पेरिविंकिल सदाबहार
More Flowers Name List
#       अंग्रेजी नाम हिंदी नाम
41 Night Blooming Jasmine/Queen of the night रात की रानी
42 Jasminum Sambac मोगरा
43 Black Turmeric Flower काली हल्दी का फूल
44 Shameplant छुइमुइ, लज्जावती
45 Pandanus केतकी
46 Butterfly Pea अपराजिता
47 Murraya कामिनी
48 Dahlia डहेलिया
49 Balsam गुल मेहँदी
50 Blue Water Lily नीलकमल
40 Flowers Name In Hindi
#अंग्रेजी नामहिंदी नाम
51Orchidऑर्किड के फूल
52Palashपलाश के फुल
53Butterfly Peaअपराजिता
54Rohiraरोहेड़ा
55Scarlet Milkweedकाकतुण्डी
56Sweet-Violetबनफशा का फूल
57Pomegranate Flowerअनार का फूल
58Stramoniumसफ़ेद धतुरा
59Blood Lilyब्लड लिली
60Golden Shower Flowerअमलतास
Flowers Name English To Hindi
#अंग्रेजी नामहिंदी नाम
61Peacock Flowerगुलेतूरा फूल
62Common Lantanaराईमुनिया
63Lady’s slipper orchidआर्किड फूल
64Golden Frangipaniसोन चम्पा
65Foxtail Orchidद्रौपदी माला
66Lady Finger Flowerभिन्डी के फूल
67Anemone Flowerएनीमोन फ्लावर
68Indian Tulipपारस पीपल
69Forest Ghost Flowerआँकुरी बाँकुरी
70Common White Frangipaniगुलैन्ची
10 Flowers Name In Hindi
#     अंग्रेजी नाम हिंदी नाम
71 Picotee Blue Morning Glory पिकोटी ब्लू मॉर्निंग ग्लोरी
72 Cockscomb Flower लाल मुर्ग़ा
73 Mountain Laurel माउंटेन लॉरेल
74 Pot Marigold गुले अशर्फ़ी
75 Indigo Flower नील फूल
76 Canna Lily सर्वज्जय
77 Grand Crinum Lily नागदमनी
78 Crown Flower सफ़ैद आक
79 Ranunculus Flower राननुकुलस फूल
80 Prickly Pear नागफनी
Phoolon Ke Naam Hindi Mein
#अंग्रेजी नामहिंदी नाम
81Citronella Tiger Lilyसिट्रोनेला टाइगर लिली
82Queen Crape Myrtleजरुल
83Cobra Saffronनाग चम्पा
84Monsoon lilyसफ़ेद मुस्ली
85Glory Lilyबचनाग
86Star Jasmineकुंद पुष्प
87Hypericum flowerहाइपरिकम फूल
88Indian Corkनीम चमेली
89Ixora Coccinea Flowerरुग्मिनी
90Burman’s Sundewमुखजली
40 Flowers Name In Hindi
#अंग्रेजी नामहिंदी नाम
91Chrysanthemumचंद्रमल्लिका
92Brahma Kamalब्रह्मकमल
93Spanish Cherryमौलश्री का पुष्प
94Poppy Flowerअफीम के फूल
95Asiatic Lilyएशियाटिक लिली
96Purple Passion Flowerझुमका लता
97Bluestar Flowerअसोनिया
98Zombi Peaजंगली मूंग
99Orange Tiger Lilyऑरेंज टाइगर लिली
100Burr Mallowबिचता
All Flowers Name List
#अंग्रेजी नामहिंदी नाम
101Blue Fountain Bushभरंगी
102Columbine Flowerकोलंबिन फ्लावर
103Chamomileबबुने का फुल
104Siroi Lilyसिरोय कुमुदिनी
105Mirabilis Jalapaमिराबिलिस जालपा
106Combretum Indicumलता के फूल
107Ashok Flowerसीता अशोक
108Showy Rattlepodसन्नी
109Common Crape Myrtleसावनी
110Blue Morning Gloryमहिमा फूल
111 Mexican Tuberose रजनीगन्धा
112 Tanner’s Cassia तरवड़ के फूल
113 Mexican Prickly Poppy सत्यानाशी

Conclusion and Final Words

यहां पर हमने आपको तरह-तरह के flowers name के बारे में flowers name english to hindi में अनुवाद बताया फिर भी इस flowers name list के कलेक्शन में ऐसे phoolon ke naam जो आपको याद है लेकिन हम यहां पर ऐड करना भूल गए हैं तो आप हमें कमेंट के जरिए सूचित करें। हम पूरी कोशिश करेंगे जल्द से जल्द उस फुल के नाम को इस all flowers name list कलेक्शन में ऐड करने की क्योंकि यहां पर जिस फूलों के बारे में हमने आपको बताया उस में देश एवं देश के बाहर पाए जाने वाले फूलों के नाम भी शामिल है जो हमने इंटरनेट के जरिए जानकारी हासिल करके यह पूरा कलेक्शन तैयार किया है।

इसके अलावा आपको हमारी साइट में और भी तरह-तरह की जानकारी के आर्टिकल मिल जाएंगे उसे आप जरुर पढ़े और आपको कोई कमी दिखाई दे तो आप हमें बताएं हम उसे सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे। आपके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

धन्यवाद। 

Monday, March 2, 2020

भारत में कितने राज्‍य हैं 2020 - India Mein Kitne State Hai

भारत में कितने राज्‍य हैं 2020 - India Mein Kitne State Hai

क्या आप लोग जानते हैं कि bharat mein kitne rajya hai शायद आप इस पोस्ट को पढ़ने आए हैं मतलब आप जानना चाहते हैं कि bharat mein kul kitne rajya hai और जानना भी बेहद जरूरी है क्योंकि भारत एक बड़ा देश है और यह विश्व का एक ऐसा देश है जो क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवें और जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे नंबर पर आता है ऐसे india mein kitne state hai के बारे में सभी लोग जानना चाहेंगे।
भारत में कितने राज्‍य हैं 2020 - India Mein Kitne State Hai
bharat mein kitne rajya hai

bharat mein kitne rajya hai जैसे सवाल अक्सर सुनने को मिलते हैं क्योकि भारत एक ऐसा देश है जहां विविध धर्मों के लोग भाई सारे से एक साथ रहते हैं जो यहां की संस्कृति, भाषा एवं रहन सहन अलग-अलग देखने को मिलेंगे। भारत में ज्यादातर हिंदी भाषा बोली जाती है इसीलिए यह हमारी राष्ट्रीय भाषा भी है। लेकिन बहुत सारे क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर बहुत सारी अलग-अलग भाषा भी बोली जाती है इसीलिए सभी राज्यों को भाषा के बेस पर अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया है वह इसीलिए की देश के इन सभी क्षेत्रों की अच्छी तरीके से तरक्की हो सके क्योंकि जब bharat ke rajya का विकास होगा तभी तो देश का विकास हो पाएगा।

bharat mein kitne rajya hai की जानकारी ले उससे पहले अगर पॉपुलेशन की बात की जाए तो चीन 141 करोड़ से ऊपर जबकि भारत 136 करोड से भी अधिक आबादी के साथ दूसरे नंबर पर है। ऐसे में सभी लोगों के पास india me kitne rajya hai की जानकारी होना आवश्यक है। और अगर आप एक स्टूडेंट है तो फिर bharat me kul kitne rajya hai जैसे सवाल आपको अक्सर पूछे जाएंगे ऐसे में आपके पास bharat ke rajya के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी होता है तो यह जानकारी नीचे दिए गए आर्टिकल के द्वारा विस्तृत पूर्वक पढे....

भारत में कुल कितने राज्य है?

india mein kitne rajya hai की बात की जाए तो मौजूदा समय 2020 में भारत में कुल 28 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की संख्या 9 है। लेकिन August 2019 से पहले bharat ke kul rajya की संख्या 29 और केंद्र शासित राज्य की संख्या 7 थी। अब 5 अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर से धारा-370 हटने के बाद यानी 31 अक्टूबर 2019 से इंडिया में 1 राज्य जम्मू कश्मीर घटा, जम्मू कश्मीर और लद्दाख अब केंद्र शासित प्रदेश है। अब bharat ke total rajya 29 से कम होकर 28 हो चुके हैं जबकि केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 7 से अधिक यानी अब 9 हो चुकी है।

तो आप सभी लोग और प्रतियोगी विद्यार्थियों इस न्यू इंफॉर्मेशन को बेशक अपडेट कर ले क्योंकि प्रायः प्रतियोगी परीक्षाओं में bharat ke rajya की जानकारी से रिलेटेड क्वेश्चन पूछे जाते हैं तो आपके लिए यह जानना अधिक आवश्यक है कि bharat mein kul kitne rajya hai और भारत में कुल कितने जिले हैं की जानकारी आप यहां से ले सकते हैं।

भारत के सभी राज्य एवं उनकी राजधानी के नाम:

##    
State NamesCapital name
1आंध्रप्रदेश (Andra Pradesh)हैदराबाद, अमरावती
2अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)इटानगर
3असम (Assam)दिसपुर
4बिहार (Bihar)पटना
5छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)रायपुर
6गोवा (Goa)पणजी
7गुजरात (Gujarat)गांधीनगर
8हरियाणा (Haryana)चंडीगढ़
9हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)शिमला
10झारखंड (Jharkhand)रांची
11कर्नाटक (Karnataka)बंगलौर
12केरल (Kerala)तिरुवनंतपुरम
13मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh)भोपाल
14महाराष्ट्र (Maharashtra)मुंबई
15मणिपुर (Manipur)इंफाल
16मेघालय (Meghalaya)शिलोंग
17मिज़ोरम (Mizoram)आइजोल
18नागालैंड (Nagaland)कोहिमा
19ओड़िशा (Odisha)भुवनेश्वर
20पंजाब (Punjab)चंडीगढ़
21राजस्थान (Rajasthan)जयपुर
22सिक्किम (Sikkim)गंगटोक
23तमिलनाडु (Tamil Nadu)चेन्नई
24तेलंगाना (Telangana)हैदराबाद
25त्रिपुरा (Tripura)अगरतला
26उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh)लखनऊ
27उत्तराखंड (Uttarakhand)देहरादून
28पश्चिम बंगाल (West Bengal)कोलकाता

भारत के सभी केंद्र शासित प्रदेश के नाम:

#केंद्र शासित प्रदेश के नाम
1अंडमान और निकोबार (Andaman and Nicobar) - द्वीपसमूह
2चंडीगढ़ (Chandigarh)
3दादरा-नगर हवेली (Dadra-Nagar Haveli)
4दमन और दीव (Daman and Diu)
5लक्षद्वीप (Lakshadweep)
6दिल्ली (Delhi)
7पुदुच्चेरी (Puducherry)
8जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)
9लद्दाख (Ladakh)

केंद्र शासित प्रदेश किसे कहते हैं?

भारत में केंद्र शासित प्रदेश से तात्पर्य उन प्रदेशों से हैं जिनको कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण दूसरे राज्यों में ना मिला कर सीधा केंद्रीय सरकार द्वारा चलाया जाता है। जिस पर केंद्र सरकार के अंतर्गत कार्य किया जाता है, इस राज्य का प्रत्येक काम केंद्र सरकार के द्वारा होता है।

भारत के दूसरे राज्यों की तरह केंद्र शासित प्रदेशों में खुद का कोई शासन यानी कि सरकार नहीं होती है। मौजूदा समय में इंडिया में टोटल 9 केंद्र शासित राज्य है, जिसमें दिल्ली और पांडुचेरी को निर्वाचित सदस्य और मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार प्राप्त है, क्योंकि इन्हें संविधान में संशोधन करके आंशिक राज्य का दर्जा दिया गया है जहां स्वयं के मंत्रिमंडल व मुख्यमंत्री की व्यवस्था मिली है यहां भी उपराज्यपाल की नियुक्ति होती है जो केंद्र सरकार करती है और उपराज्यपाल और मंत्रिमंडल के सामंजस्य से यह प्रदेश चलता है। वहां की जनता वहां की सरकार का चुनाव करती है।

भारत का सबसे बड़ा राज्य:

क्षेत्रफल के नजरिए से बात की जाए तो bharat ka sabse bada rajya "राजस्थान" है जो 342 ,239 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जिसमें कुल जिले की संख्या 33 है। और यहां की मुख्य भाषा राजस्थानी एवं मारवाड़ी है।

जबकि जनसंख्या के बेस पर "उत्तर प्रदेश" india ka sabse bada rajya है जो 2011 खी जनगणना के अनुसार 19,95,81,477 लोगों के निवास के साथ भारत का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है।

भारत का सबसे छोटा राज्य:

क्षेत्रफल के बेस पर bharat ka sabse chota rajya "गोवा" है जो 3,702 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। गोवा अपने सुंदर समुद्री किनारों के लिए विख्यात है। यहा पर पूरी दुनिया से Tourist घूमने के लिए आते हैं।

जबकि जनसंख्या की दृष्टि से "सिक्किम" india ka sabse chota rajya है जो 2011 की जनगणना के अनुसार 6,07,688 लोगों का निवास है। सिक्किम भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक पर्वतीय राज्य है जो स्वच्छ, प्राकृतिक सुंदरता पुची तथा राजनीतिक स्थिरता वगैरह विशेषताओं की वजह से सिक्किम इन्डिया में टूरिज़्म का मुख्य स्थल है।

भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश:

क्षेत्रफल की दृष्टि से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पहले सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश था। लेकिन अब सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर बन गया है जिसका क्षेत्रफल 163,040 वर्ग किमी में है। और दूसरे नंबर पर लद्दाख आता है जो 59,196 वर्ग किलो मीटर में है।

जबकि जनसंख्या की दृष्टि से "दिल्ली" भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है जो 2011 की जनगणना के आधार पर 1,67,53,235 की आबादी वाला सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है।

भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश:

क्षेत्रफल एवं जनसंख्या दोनों के अनुसार इंडिया का सबसे छोटा केन्द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप है। जिनका क्षेत्रफल करीब करीब 32 वर्ग किलोमीटर में है। जबकी 2011 की जनगणना के अनुसार यह करीब करीब 64,473 जनसंख्या की आबादी वाला सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है।

Conclusion

तो फ्रेंड्स i hope कि अब आपको bharat ke rajya के बारे में जानकारी मिल गई होगी कि 2020 में bharat mein kitne rajya hai यहां पर हमने आपको इंडिया के सभी राज्य और उनकी राजधानी एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में बताया। आशा करते है यह माहिती आपके लिए यूज़फुल रहेगी। आपको बता दें कि यह जानकारी इंटरनेट से रिसर्च करके ली गई है जो 100% सही या गलत भी हो सकती है। तो ज्यादा जानकारी के लिए आप गूगल का सहारा ले सकते हैं।

धन्यवाद:

Monday, February 17, 2020

OTP Full Form: जानिए OTP Ka Full Form क्या होता है?

OTP Full Form: जानिए OTP Ka Full Form क्या होता है?

otp full form, otp ka full form, otp meaning इस तरह के सवाल आपके मनमे तभी आते है जब आपके पास इस बारे मे पूरी जानकारी नही होती क्योकि OTP के बारे में आपने जरूर सुना होगा और आपके फोन पर sms के द्वारा मिलने वाले OTP से आपकी भेंट तो सदैव होती रहती होगी। तो क्या ओटीपी का काम यही है? नहीं!

otp full form के अलावा भी otp के बारे में संपूर्ण जानकारी आपको होनी चाहिए जो यहा पर हम otp meaning की जानकारी आपको देंगे। क्योंकि आज के टाइम में प्रायः सभी काम घर पर ही ऑनलाइन हो जाते हैं जैसे रिचार्ज, शॉपिंग, बैंक, आदि और इस काम में हमारी सिक्योरिटी अति मायने रखती है इसीलिए की किसी अज्ञात व्यक्ति से हमारे पर्सनल डाटा और अकाउंट सेफ रहे।
OTP Full Form: जानिए OTP Ka Full Form क्या होता है?
otp full form
क्या आपको पता है कि otp ka full form क्या होता है?, otp kya hai इसका काम क्या होता है? इसे क्यों सेंड किया जाता है? क्योंकि otp आज के टाइम में बहुत बड़ी सुरक्षा बन चुकी। अगर आप इस बात से अवगत नहीं है मतलब कि आप आज के डिजिटल युग में दो कदम पीछे हैं।

यहा पर हम आपको otp meaning के बारे में पूरा समझाएगे क्योकि ओटीपी की आवश्यकता ऑनलाइन प्रक्रिया जैसे रिचार्ज से लेकर पैसों के ट्रांजैक्शन तक हर जगह रहती है। इस बारे में अगर आपको नहीं पता तो आप इस पोस्ट को लास्ट तक पूरा पढ़ें आपको इस बारे में जो भी समस्याएं हैं दूर हो जाएगी। यहां पर हम आपको OTP की पूरी जानकारी बताने जा रहे हैं।

OTP Ka Full Form क्या होता है?

otp ka full form होता है One Time Password जिसको हिंदी में कहा जाता है एक बार इस्तेमाल किये जाने वाला पासवर्ड, जो आजके डिजिटल युग में एक Secure password माना जाता है क्योंकि इसमें हर बार एक नया अलग ही कोड इस्तेमाल होता है जिससे हमारी सिक्योरिटी ज्यादा सुरक्षित हो जाती है या यूं कहे कि ओटीपी एक ऐसा पासवर्ड है जिसके जरिए आज के टाइम में हमारी ऑनलाइन एक्टिविटीज भयरहित है।

otp ka matlab आपको पता होगा कि जब कभी भी हम किसी ऑनलाइन लेन-देन याद तो ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं उस वक्त हमें अपनी डिटेल्स देनी पड़ती है जैसे एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग, आदि, फिर पेमेंट के लिए अप्लाई करते वक्त हमारे सामने एक OTP बॉक्स खुलता है और हमारे पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वेरिफिकेशन के लिए कुछ अंकों का एक कोड प्राप्त होता है और उस कोड को ओटीपी बॉक्स में भरने के बाद अप्लाई करते हैं तो हमारा ट्रांजैक्शन सक्सेसफुल हो जाता है।

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यह otp code हमें हमारे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही मिलता है। और इस कोड को ओटीपी बॉक्स में डालने के बाद ही हमारी लेन-देन सक्सेसफुल हो पाती है अन्यथा नहीं। OTP विशेष तीन तरीके से हमें मिलते हैं SMS, Voice Calling और Email के द्वारा जिसमें SMS का यूज़ सबसे ज्यादा होता है और ईमेल का कम क्योंकि ज्यादातर ईमेल से otp मंगाने का काम हम तभी करते हैं जब हम अपने अकाउंट के पासवर्ड रिसेट करना चाहते हैं। तो आइए इन otp meaning को डिटेल्स में समझते हैं कि otp kya hota hai इसके क्या फायदे हैं, इत्यादि।

OTP क्या होता है?

OTP यानी One Time Password जीसे One Time Pin भी कहा जाता है इसका हिंदी में अर्थ होता है एक बार इस्तेमाल किये जाने वाला पासवर्ड मतलब जैसा नाम वैसा काम यानी कि OTP के जरिए मिलने वाले पासवर्ड को सिर्फ एक बार ही यूज किया जा सकता है वह भी लिमिटेड टाइम के अंदर फिर वह निष्क्रिय हो जाता है और दुबारा मंगाने के लिए फिर से अप्लाई करना पड़ता है जो हर एक बार एक नया अलग ही कोड मिलता है जो हमारे अकाउंट को ज्यादा सुरक्षित रखता है।

यह एक सुरक्षा कोड होता है जो 6-अंको मे हमें मिलता है जो ज्यादातर SMS के जरिए ही मिलता है। लेकिन इसे ई-मेल पर भी प्राप्त किया जा सकता है। यह कोड सिस्टम से ऑटोमेटिकली जनरेट होता है जो हैकर्स के लिए इसे हैक करना नामुमकिन है। इसे एक सिक्योर पासवर्ड भी बोल सकते हैं क्योंकि यह दूसरी बार यूज नहीं होता है जो पासवर्ड चोरी होने जैसे खतरे से बचा जा सकता है।

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इसका यूज बहुत सारे कार्यों में होता है जैसे Online Transaction या तो कोई भी अकाउंट बनाते वक्त, जहां पर हमारा फोन नंबर या email Id जुड़ा होता है जिसकी प्रोसेस पूर्ण होने से पहले Attached मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी पर एक कोड मिलता है जिसे password भी बोल सकते हैं। और इस पासवर्ड का यूज एक ही बार होता है, इसीलिए इसे One Time Password या तो OTP कहा जाता है।

OTP का यूज क्यों किया जाता है?

OTP एक password है जो साधारण पासवर्ड से सुरक्षित माना जाता है क्योंकि जब यूजर अपना अकाउंट बनाते हैं। उस वक्त यूजरनेम और पासवर्ड लगाते हैं जिसमें password को अपने नाम, अपना बर्थडे या तो मोबाइल नंबर से सेट करते हैं ताकि आसानी से याद रख सके। लेकिन यह पासवर्ड ज्यादा सेफ नहीं होता है. हैकर आसानी से इस तरह के पासवर्ड को हैक कर सकता है और हमारी डिटेल हैकर के हाथ लग सकती है और अगर हमारे बैंक अकाउंट जैसी इंपोर्टेंट जानकारी भी उसके हाथ लग गई तो आप समझ सकते हैं कि वह क्या कर सकता है।

ऐसा भी हो सकता है कि आपकी जान पहचान के लोग जिसको आपका username और password मालूम है वह भी आपके अकाउंट का अनुचित उपयोग कर सकते हैं। यही कारण है कि आज के टाइम में OTP यूज़ हो रहा है जिससे उपयोगकर्ताओं के खाते को सुरक्षित रखा जा सके।

वैसे OTP को लाने का विशेष ध्येय था अपने यूजर के Account को two step verification से Secure कराना जो आज के टाइम में सही तरीके से काम कर रहा है।

OTP का Use कहां होता है ?

OTP का यूज विशेष रूप से ऐसे स्थान पर अधिक होता है। जहां पर पैसों का ट्रांजैक्शन अधिक होता हो जैसे नेट बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन रिचार्ज करते वक्त, आदि इसके अलावा अगर हमने किसी साइट पर अकाउंट बनाया है और पासवर्ड हमें याद नहीं है तो उसे रिकवर करने के लिए भी किया जाता है।

कभी ना कभी आपने Online Shopping जरूर की होगी उसमें पेमेंट करते वक्त आपके मोबाइल पर एक OTP आता है और आपने देखा होगा कि उस ओटीपी को आप नहीं डालते हैं तो आपका पेमेंट नहीं होता है तो इस तरह से यह OTP एक सेफ ऑनलाइन लेन-देन प्रक्रिया होती है जो हमारे अकाउंट को सुरक्षित रखता है।

अगर कहा जाए तो OTP का उपयोग ऑनलाइन लेन-देन, रिचार्ज, आदि को हैकर से बचाने के लिए होता है।

OTP का यूज आप तभी कर सकते हैं जब आप का फोन नंबर आपके बैंक खाते से जुड़ा हुआ होगा और तभी आप इस सर्विस का फायदा ले सकते हैं क्योंकि OTP केवल रजिस्टर्ड नंबर पर ही मिलता है।

Note: ध्यान रहे आप अपना otp password किसी के साथ भी शेयर ना करें अन्यथा आपका अकाउंट हैक भी किया जा सकता है। इसीलिए ओटीपी रिलेटेड इंफॉर्मेशन किसी को ना दे।

OTP के फायदे:

वैसे तो OTP से फायदा ही होता हैं कोई नुकसान नहीं होता जो. यहा पर हम इसके कूछ फायदे बताने जा रहे है।⤵

  • अगर आपका पासवर्ड चोरी हो जाता है फिर भी आपका खाता Safe रहता है क्योंकि OTP डाले बिना कोई भी आपके अकाउंट पर पहुंच नहीं सकता है।
  • Otp के जरिए असल उपयोगकर्ता का Authentication हो जाता है क्योंकि OPT किसी भी व्यक्ति को उसके पंजीकृत फोन नंबर पर ही मिलता है।
  • OTP के जरिए आप अपने किसी भी अकाउंट को जैसे सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक, व्हाट्सएप आदि को OTP Double Security से सक्षम बना सकते हैं। आप अपने Gmail Account को भी 2-step werification से Secur कर सकते है ताकि कोई और उपयोग करता उस तक पहुंचना सके।
  • इससे उपयोगकर्ता की पहचान पल में सिद्ध हो जाती है क्योंकि इसकी प्रक्रिया फास्ट होती है।
  • इसमें उपयोगकर्ता को अलग से पैसे देने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह एकदम फ्री है।
  • Otp का मुख्य फायदा है इसका कोड कुछ समय के बाद अक्षम हो जाता है और यही कोड दुबारा यूज़ नहीं होता है जो हैकर्स के लिए इसे पाना और इसका फिर से यूज करना नामुमकिन है।

Conclusion

तो फ्रेंड्स i hope कि अब आपको जानकारी मिल गई होंगी कि otp ka full form क्या होता है. यहां पर हमने आपको otp full form और पूरी otp meaning in hindi में समझाने की कोशिश की है। आशा करते है यह माहिती आपके लिए यूज़फुल रहेगी।

और मैं यहां पर ऐसे ही नए-नए टॉपिक से जुड़े Information के आर्टिकल शेयर करता रहता हूं तो और अगर आप ऐसे ही दूसरे पोस्ट पाना चाहते है तो हमें E-mail से Subscribe करिए और साथ ही साथ अपने सुझाव देने के लिए Comment कीजिए और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा share करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकि जानकारी मिल सके।

Saturday, February 15, 2020

Blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं  (15+ तरीके)

Blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं (15+ तरीके)

Blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं - how to increase blog traffic यह समस्या सभी न्यू ब्लॉगर की होती है क्योंकि हर कोई Blog तो बना लेता है लेकिन ब्लॉग में organic traffic बढ़ाने में सभी लोग सफल नहीं हो पाते क्योंकि blog traffic increase करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और ब्लॉग पर Visitors नहीं आना मतलब वह ब्लॉग कोई काम का नहीं। क्योंकि सभी लोग ब्लॉगिंग इसीलिए करते हैं ताकि उस ब्लॉग से पैसे कमा सकें और इसके लिए ब्लॉग में विजिटर्स की संख्या बढ़ाना बेहद अनिवार्य है।

बहुत से न्यू ब्लॉगर ऐसे हैं जो कुछ समय के लिए ब्लॉगिंग करके फिर उसे छोड़ देते क्योंकि वह अपने blog पर traffic बढ़ाने में नाकामयाब रहते हैं। ब्लॉग बनाना बहुत आसान है लेकिन उस पर ट्रैफिक लाना बहुत ही मुश्किल काम है। और बिना traffic का ब्लॉक बिना आत्मा के शरीर जैसा होता है इसीलिए आपको न्यू ब्लॉग में ट्रैफिक बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स को फॉलो करना होता है जो सभी नए ब्लॉगर्स को अपने blog पर करना बेहद जरूरी होता है। और यह करने के बाद आपको कहीं भी how to increase organic traffic on website के बारे में जानने की जरूरत नहीं रहेगी।
Blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं
Blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं
अगर देखा जाए तो पूरे वर्ल्ड में लगभग हर 1 सेकेंड के अंदर 7 से 8 हजार न्यू ब्लॉग, वेबसाइट बनाई जाती है। पर यह बात जानकर आपको आश्चर्य होगा कि उनमें से दो या तीन फ़ीसदी Blogger ही लंबे टाइम तक बने रह पाते हैं। 2-3 ब्लॉगर ही ऐसे होते हैं जो अपना खुद का ब्रांड बना लेते हैं उसका मेन रीजन होता है अपने blog में traffic नहीं आना और ज्यादातर लोग ब्लॉगिंग को छोड़ देते हैं।

तो चलिए आज मैं आपको blog में traffic कैसे बढ़ाएं के बारे मे सभी ट्रिक्स बताऊंगा जो 100% सही है। और यह करना भी जरूरी है मैं खुद अपने Blog में traffic को बढ़ाने के लिए इसका यूज करता हूं।

Blog पर Traffic बढ़ाने के 18 तरीके

फ्रेंड्स वैसे तो बहुत सारे ऐसे ways हैं जिनके जरिए आप Visitors की संख्या बढ़ा सकते हैं। पर मैं यहां पर आपको कुछ ऐसे पॉइंट्स बताने वाला हूं। जिनका यूज़ आपको traffic बढ़ाने के लिए अपने ब्लॉग, वेबसाइट में करना बेहद जरूरी है।

मैं आपको कहना चाहता हूं की अगर आपके मन में यह सवाल आता है कि how to increase blog traffic fast तो उसे निकाल दीजिए क्योंकि ब्लॉग वेबसाइट की ट्रैफिक को बढ़ाने का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है आप ब्लॉग में रातों-रात ट्रैफिक नहीं बढ़ा सकते इसके लिए आपको पूरे तरीके से मेहनत करनी पड़ेगी।

आप बड़े-बड़े ब्लॉगर से पूछ कर देख लो उन्होंने भी traffic बढ़ाने के लिए दिन रात मेहनत की होगी यूं ही एकाएक ट्रैफिक नहीं बढ़ा होगा। तभी आज वह टॉप पर पहुंच सकें है। तो आप भी जानना चाहते होगे की blog website में traffic कैसे लाएं

Website traffic के ऐसे 5 sources हैं जहां से आपको अच्छी खासी traffic मील सकती है।

 Organic traffic
 Social traffic
 Direct traffic
 Other traffic
 Referral traffic

इन सभी sources के द्वारा किसी भी ब्लॉग या वेब पेज पर Visitors आते हैं। इनमे से अगर आपको Organic traffic मिलता है तो यह आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहता है। लेकिन आज के टाइम में ऑर्गेनिक ट्रैफिक मिलना इतना आसान नहीं है। क्योंकि ब्लॉगिंग में कंपटीशन बहुत बढ़ गया है। इसके लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी

तो यहां पर हम जानेंगे इन सभी माध्यमों के द्वारा आप अपनी website में traffic कैसे बढ़ा सकते हैं? - how to increase a website's traffic

1)  Professional Blog Design करें

ब्लॉग में ट्रैफिक को लाने के लिए पहले आपको एक अच्छा सा Theme पसंद करके अपने ब्लॉग को एक प्रोफेशनल लुक से डिजाइन करना होगा। क्योंकि घटिया तरीके की डिजाइन पर कोई एक बार तो आ जाता है लेकिन दूसरी बार वह नहीं आएगा

कई ब्लॉग ऐसे होते हैं जिनका बैकग्राउंड और Text नीले, पीले कलर का और घटीया सी Font Size अब ऐसी साइट पर कौन ज्यादा देर तक रुकेगा और ऐसा होने से उस साइड का Bounce Rate भी बढ़ेगा जिससे वह ब्लॉग गूगल की नजर में परोसा पात्र नहीं रहेगा और वह blog रैंक नहीं होगा और rank नहीं होगा तो ट्रैफिक भी नहीं आएगा।

तो आप एक अच्छी light weight वाली Theme पसंद करें। जो Responsive और Mobile Friendly होनी चाहिए। ताकि आपके यूज़र ब्लॉग के कंटेंट को आसानी से रिड कर सके।

Theme पसंद करने से पहले निम्न चीजों को जरूर देखें।

  • proffessional और light weight दिखने वाली Theme पसंद करें।
  • आपकी थीम Responsive और Mobile Friendly होनी चाहिए। 
  • आप जो भी Theme पसंद करें याद रहे उसमें Sidebar, featured images जैसे option शामिल हो। 

2) SEO (Search Engine Optimization) करें

SEO यानी कि Search Engine Optimization अगर यह काम आप अपने ब्लॉग पर नहीं करते हैं तो आपके ब्लॉग पर Traffic आना बहुत ही कठिन है। यह Point आपके blog pr traffic को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी होता है। क्योंकि SEO करने से Search engine से हमारी साइट पर एक दिन में लाखों में ट्रैफिक आ सकती है। इसीलिए आपको अपने ब्लॉग को Search Engine के अनुकूल बनाना चाहिए।

चाहे आप कोई भी तरीका आजमालो लेकिन आप अपने ब्लॉग को search engines के अनुकूल नहीं बनाओगे तो आप organic traffic आने के ख्वाब छोड़ दीजिए।

Search Engine Optimization में बहुत सारे algorithms काम करते हैं और आपको अपने ब्लॉग में इन सभी Points पर सावधानी से काम करना है। अगर देखा जाए तो SEO पर कोइ 100% स्पष्टता नहीं कर सकता क्योंकि गूगल के एल्गोरिदम बदलता रहता है। लेकिन कुछ पुराने और पॉपुलर ब्लॉगर्स के अनुभव की गणना से इसके लिए काम कर सकते हैं।

अगर आप हर दिन दो से तिन घंटा SEO सीखोगें तो आप कुछ हफ्ते या महीने के अंदर SEO सीख जाएंगे। इसके बाद आप अपने ब्लॉग में बहुत ही आसानी से SEO का काम कर सकते हैं।

SEO के मुख्य दो हिस्से होते हैं।

 On-page SEO
 Off-page SEO

On-page SEO उसे कहा जाता है जो काम ब्लॉग के अंदर किया जाता हो जैसे ब्लॉग की Design करना Title और Meta Description देना Keywords का यूज करना Tags लगाना Pages बनाना internal Links, External links, etc. यह सब on page seo के Under होता है। और यह सब काम हमें ब्लॉक पर organic Traffic बढ़ाने के लिए ऑप्टिमाइज करना रहता है और यह सब काम हमें ब्लॉक के अंदर ही करना होता है जो हम बेहद इजी तरीके से कर सकते हैं।

अगर आपकी साइट WordPress पर है तो आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि वर्डप्रेस पर ऐसे बहुत सारे Plugins मिल जाते हैं जो यह काम अपने आप ही कर देते हैं।

Offpage SEO उसे कहा जाता है जो काम हम अपने ब्लॉग के बाहर रहकर करते हैं। जैसे बैकलिंक बनाना, सोशल मीडिया पर काम करना और वहां से अपनी साइट पर ट्रैफिक लाना इसी तरह Forums, Guest Post, इत्यादि यानी कि जो काम ब्लॉग से बाहर रहकर किया जाता है उसे Offpage SEO कहते हैं।

वैसे देखा जाए तो On page SEO से Off page SEO करने में टाइम ज्यादा व्यथित होता है। क्योंकि यहां पर हमें अपने ब्लॉग के बाहर दूसरी साइट पर डिपेंड रहेना पड़ता है। फिर भी अगर आप off page seo के लिए हर दिन 2 घंटे का समय निकाल के उस पर काम करते हो तो यह आपकी साइट के लिए बेहद फायदेमंद सिद्ध होता है।

3) Unique और High quality content लिखे

आप अपने Blog Website Traffic को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको यूनिक कंटेंट लिखना होगा। यानी कि दूसरों से अनोखा किसी भी साइट से मिलता जुलता नहीं होना चाहिए। आपको किसी का कहीं से भी कॉपी नहीं करना है। अगर आप वही सब लिखेंगे जो इंटरनेट में पहले से मौजूद है तो कोई भी यूजर आपकी पोस्ट नहीं पढ़ेगा। क्योंकि वही सब तो वह पहले पढ़ चुका है तो आप कोशिश यह करें कि अपनी पोस्ट में कुछ नया लिख सकें।

हालांकि आज के टाइम में Unique content लिखना मुश्किल काम जरूर है। फिर भी आपको प्रयास यही करना है कि दूसरों से हटके लिखें आपका आर्टिकल अन्य से पृथक होना चाहिए तभी यूजर आपकी साइट पर आएंगे क्योंकि सभी को कुछ न कुछ नया चाहिए होता है। इसीलिए आप कॉपी करेंगे तो आपकी मेहनत बेकार है।

कॉपी किया हुआ कंटेंट कभी रैंक नहीं करता है। फिर चाहे वह Text हो या Image सभी को यूनिक ही रखना है। अगर आपके द्वारा कॉपी की हुई सामग्री सामने वाले को पता चलने पर वह DCMA कंप्लेंट कर सकता है ऐसे में आपकी साइट सर्च इंजिन से हटा दी जा सकती है। तो आप अपने तरीके से बनाया हुआ यूनिक कंटेंट लिखें ताकि आपके blog की traffic Increase हो।

High quality content लिखने के लिए इन बातों का ध्यान रखिए।

  • आप अपनी हर एक पोस्ट में ऐसे Keywords इस्तेमाल करें जो अधिक मात्रा में सर्च होते हो।
  • कहीं से भी कॉपी नहीं किया हुआ अपना खुद का Unique content ही लिखें
  • ज्यादा से ज्यादा शब्दों के साथ लंबे पोस्ट लिखें 1000 या उनसे ऊपर आप 1500+ भी जा सकते हैं।
  • पोस्ट में Heading और Sub heading का यूज जरूर करें h1, h2 .... और हो सके तो हेडिंग में Keywords जरूर दें।
  • आप जिस भाषा में भी लिखें ध्यान रहे कि आपके आर्टिकल मे कोई स्पेलिंग मिस्टेक ना हो।
  • लंबी Post लिखें:

आप अपनी पोस्ट को जितना हो सके उतना लंबा लिखने की कोशिश कीजिए कम से कम 1500 या 2000 Word की जरूर लिखें और इतनी बड़ी पोस्ट लिखना बेशक थोड़ा कठिन काम है लेकिन नामुमकिन नहीं है जब आपके पास अपने विषय के बारे में पूरी जानकारी होगी।

मैं अपनी किसी भी पोस्ट को कितना भी छोटा लिखूं वह 2000+ शब्दों में हो ही जाती है। अगर आपको ब्लॉगिंग का शौक है और आपको ब्लॉगिंग की पूरी जानकारी है तो आपके लिए किसी पोस्ट को 2000+ शब्दों में लिखना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।

मैं भी अपनी हर एक पोस्ट को 1500+ Word में लिखने की कोशिश करता हूं और बहुत सारी पोस्ट ऐसी भी है जो 2000+ शब्दों में भी लिखी हुई है। बड़ी पोस्ट लिखना मतलब यह नहीं है कि आप अपने टॉपिक से भटक जाए और कुछ भी लिख दें ऐसा करने से फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होगा आपको अपनी पोस्ट में Quality content लिखना होगा तो आप पोस्ट लंबी जरूर लिखें लेकिन उसके साथ क्वालिटी कंटेंट पर भी ध्यान दें।

आप लंबी पोस्ट लिखेंगे मतलब Google को यह लगेगा कि आपने इस विषय के बारे में सब कुछ विस्तार से बताने का प्रयास किया है और गूगल ऐसी पोस्ट को सर्च रिजल्ट में पहले दिखाता है जिस पोस्ट में विस्तार से बताया गया हो अगर आप लंबी पोस्ट लिखते हैं तो यह धीरे-धीरे Search result में ऊपर आती जाएगी और आपके विजिटर्स की संख्या भी बढ़ती जाएगी।

लंबी पोस्ट लिखने का एक फायदा यह भी होता है कि कोई भी आपका कंटेंट पढ़ेगा तो वह आपकी साइट पर ज्यादा टाइम तक रहेगा। क्योंकि छोटी पोस्ट के बजाय लंबी पोस्ट को पढ़ने में ज्यादा समय लगता है इससे गूगल की नजर में आपका वह कंटेंट क्वालिटी कंटेंट लगेगा क्योंकि सभी यूज़र आपके उस पोस्ट में ज्यादा समय बिता रहे हैं इससे आपकी पोस्ट धीरे-धीरे रैंक होने लगेगी और आपके Blog में Traffic बढ़ता जाएगा।

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5) keywords research करें

जब भी आप कोई नई पोस्ट लिखें उससे पहले keywords research जरूर करें। क्योंकि बगैर कीवर्ड रिसर्च के आर्टिकल लिखना मतलब जानबूझकर किसी कुऐ में कूदना जैसा होगा और बिना कीवर्ड रिसर्च के पोस्ट को रैंक करना बहुत ही कठिन काम होगा।

आप अपनी पोस्ट में ऐसे कीवर्ड का यूज करें जिनका सर्च ज्यादा और कॉन्पिटिशन लो हो साथ ही साथ cpc ज्यादा हो। आप पोस्ट की लेंथ के हिसाब से keywords का यूज कर सकते हैं। आप अपने Primary Keyword को आर्टिकल के फर्स्ट पैराग्राफ में जरूर यूज़ करें साथ ही साथ टाइटल और URL में देना बेहद जरूरी है। अगर हो सके तो Heading और Sub-Heading में भी दे। आप अपनी पोस्ट में जितनी भी इमेज यूज करें वह सभी में Alt Tag में उस Keywords का यूज करना ना भूले जिससे आपकी इमेज भी सर्च रिजल्ट में दिखे और वहां से भी आपको अपने ब्लाॅग में ट्राफिक मिले।

किसी भी पोस्ट को रैंक कराने में Keywords का अहम रोल होता है। इसीलिए आपको अपनी हर एक पोस्ट में ऐसे कीवर्ड का यूज करना चाहिए। जीसका Search ज्यादा किया जाता हो।

keywords research कैसे करें

तो यहां पर मैं आपको। 4 keywords research tools बता रहा हूं जहां से आप अपना keywords फाइंड कर सकते हैं।

Semrush (paid) tool
 keywords everywhere (paid) tool
 google keywords planner (free) tool
 ubersuggest (free) tool

6) अपनी Site की Loading Speed को ठीक करें।

आपको अपने blog को समय-समय पर किसी टूल्स पर चेक करता रहना चाहिए कि आपका ब्लॉग पूरी तरह से लोड होता है तो कितना टाइम लेता है, इसके लिए आप गूगल के PageSpeed Insights Tool का यूज कर सकते हैं क्योंकि ऐसे ब्लॉग पर कोई नहीं जाएगा जीस ब्लॉग की स्पीड बहुत स्लो होती है और Google भी ऐसी साइट को सर्च रिजल्ट में नीचे रखेगा क्योंकि गूगल नहीं चाहता कि ऐसी साइट Search result में रैंक करें जीस साइट पर कोई नहीं जाता।

अगर आप किसी अन्य ब्लॉग पर विजिट करने जाते हैं और वह ओपन होने में कुछ ज्यादा ही टाइम लेता है तो क्या आप ऐसे blog पर जाना पसंद करेंगे, बिल्कुल नहीं। आप इसको छोड़ कर किसी दूसरे ब्लॉग पर चले जाएंगे जो ज्यादा फास्ट ओपन होता है क्योंकि आज के टाइम में किसी के पास टाइम ही कहां है सभी को सब कुछ फास्ट ही चाहिए होता है।

तो आप ऐसी Theme का चुनाव करें जो ज्यादा टाइम ना लेती हो अन्यथा आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आने भी लगी है तो वह भी धीरे-धीरे कम होती जाएगी और आपको इसमें नुकसान ही होगा। अगर आपका ब्लॉग पूरी तरह से लोड होने में 3 सेकंड से ज्यादा समय लेता है तो आपको अपने ब्लॉग की लोडिंग स्पीड को Optimize करने के बारे में जरूर सोचना चाहिए। इसके लिए आपको नीचे बताइए गई कुछ चीजों को ऑप्टिमाइज करना होगा।

Blog के Loading time को कम करने के लिए नीचे बताई गई चीजों को Optimize करें। 

  • आप अपने ब्लॉग में यूज होने वाली सभी इमेज को Optimize जरूर करें।
  • Java scripts और css को जीतना हो सके कम करें।
  • Blog के server response time को कम करें
  • Redirection का यूज़ ज्यादा ना करें
  • Light weight टेंपलेट यूज़ करें। इत्यादि

7) अच्छी Web Hosting खरीदें।

अगर आपकी साइट WordPress पर है तो आपको एक अच्छी वेब होस्टिंग की आवश्यकता रहेगी क्योंकि गलत Web Hosting आपकी वेबसाइट के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। इससे आपकी वेबसाइट ज्यादातर डाउन में ही रहेगी। कोई भी यूजर आपकी साइट पर आएगा और वह लोड होने में ज्यादा टाइम लेगी जिससे वह यूजर आपकी साइट पर विजिट ही नहीं करेगा जिससे आपका ट्रैफिक कम होता जाएगा। तो इसके लिए आप यह आर्टिकल पढ़े Web Hosting क्या है? कितने प्रकार की होती है?

8) Image को Optimize करें।

किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट में यूज होने वाली Image को Optimize करना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि optimize की गई Image, ब्लॉग वेबसाइट के प्रदर्शन को सुधारता हैं, गूगल इमेज सर्च की रैंकिंग में भी फायदा होता है और साइट का SEO score भी बेहतर होता है।

ज्यादातर न्यू ब्लॉगर इमेज को optimized नहीं करने की भूल करते हैं और करते भी है तो सही तरीके से नहीं करते हैं इसीलिए उस ब्लॉग वेबसाइट की इमेज सर्च रिजल्ट में ऊपर नहीं आ पाती है जिसकी वजह से उनके ब्लॉग में Organic traffic नहीं मिल पाता है।

Image optimize हम इसीलिए करते हैं ताकि User experience अच्छा रहे। इमेज ऑप्टिमाइजेशन में किसी भी इमेज की साइज को कम किया जाता है जिससे वेब पेज की स्पीड अच्छी मिलती है और SEO score भी सुधरता है। इसके साथ-साथ आप इमेज को Rename करते हैं और Alt tag लगाते हैं तो आपकी पोस्ट ज्यादा SEO friendly हो जाती है।

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google से copyright free images कैसे download करे ?

अगर कहे तो यह एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसका सही तरीके से यूज करने से ब्लॉग वेबसाइट में यूज होने वाली इमेज को search engine friendly बनाई जाती है जिससे कि हमारे ब्लॉग में ट्राफिक बढ़ने के चांस बढ़ जाते हैं।

नीचे कुछ पॉइंटस बताइए हैं जिनका यूज Image optimization के लिए करें।

  • अपने विषय के संबंधी और copy right free Image ही डाउनलोड करें।
  • Image का पुराना नाम रिमूव करके नया नाम बदले ( Rename) करें।
  • Image की size को कम करें (Resize) करें।
  • Image को Compress करें यानी की Image का weight कम करें।
  • ब्लॉक पोस्ट के सभी इमेज में Alt tag का उपयोग जरूर करें।

9) अपनी साइट को Mobile Friendly बनाए।

अगर देखा जाए तो आज के टाइम में ज्यादातर लोग यानी कि 70% लोग इंटरनेट का यूज मोबाइल से ही करते हैं और हर दिन मोबाइल का यूज करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। तो ट्रैफिक बढ़ाने के लिए आपको अपने ब्लॉग वेबसाइट को mobile friendly बनाना बेहद जरूरी है ताकि मोबाइल के जरिए आपके ब्लॉग पर आने वाले लोग कंटेंट को अच्छी तरह से पढ़ सकें।

अगर आप अपने ब्लॉग को मोबाइल फ्रेंडली नहीं बनाते हैं तो गूगल मोबाइल सर्च रिजल्ट में आपके ब्लॉग की रैंकिंग डाउन हो सकती है जिससे आपकी साइट में आने वाला ट्रैफिक भी कम हो सकता है।

अगर आप अपनी साइट को मोबाइल फ्रेंडली बनाते हैं तो गूगल भी आपकी साइट को अग्रता देगा इसीलिए गूगल ने ब्लॉग्स को ऑप्टिमाइज करने के लिए Mobile friendly test tool बनाया है जिसकी सहायता से आप अपनी साइट को यहां पर जांच के साइड की रैंकिंग को बढ़ा सकते हैं।

10) SSL https का यूज करें।

गूगल ने http वाली साइट को Search Engine में दिखाना कम कर दिया है। अब Google Chrome में ऐसी वेबसाइट डाउन दिखेगी जो http में चल रही है। बिना https वाली साइट को गूगल क्रोम ब्राउजर में ओपन करने पर No Secure का मैसेज दिखाई देगा जिससे यूजर ऐसी साइट को विजिट नहीं करेंगे और उस साइड में ट्राफिक कम होता जाएगा।

अगर आपकी वेबसाइट भी HTTP में चल रही है तो आप फौरन ही उसे https पर सेट कर दें क्योंकि गूगल अभी भी ज्यादा सुरक्षित वेब चाहता है और https को एक रैंकिंग फैक्टर के नजरिए से यूज कर रहा है। इसीलिए https वाली साइट को गूगल सर्च रिजल्ट में अच्छी रैंकिग मिल रही है।

11) Trends Topics पर article लिखें।

आपके ब्लॉग या वेबसाइट के विषय से रिलेटेड trends topics पर आर्टिकल लिखिए इससे आप अपने blog में ज्यादा traffic ला सकते हैं। क्योंकि ट्रेंड्स टॉपिक पर आर्टिकल लिखने से वह जल्दी रैंक कर करके फर्स्ट पेज पर आ सकता हैं और फर्स्ट पेज में आने पर आपके उस एक ही आर्टिकल पर हजारों लाखों में विजिटर आ सकते हैं। जिससे आपकी पूरी साइट रैंक करने लग जाएगी

Trends topics के बारे में जानने के लिए आप google trends का इस्तेमाल कर सकते हैं और यहां से आप नवीनतम Keyword के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं जो आज के टाइम में सबसे अधिक सर्च किया जाता हो। इस पर पोस्ट लिखने से आपकी साइट में ऑर्गेनिक ट्रैफिक आएगा आप normal trends पर भी पोस्ट लिख सकते हो जैसे new year, holi, diwali आदि।

12) High-Quality Backlinks बनाएं।

Backlinks गूगल के बहुत पुराने रैंकिंग कारण है जिनका का उपयोग गूगल पहले पृष्ठ पर एक सामग्री को रैंक करने के लिए करता है। यह आपकी साइट के डोमेन प्राधिकरण, वेबसाइट ट्रेफिक और वेबसाइट रैंकिंग को increase करने में सहायता करता है।

लेकिन खराब, एक कम गुणवत्ता वाले बैकलिंक्स आपके ब्लॉग की रैंकिंग को loss कर सकता है जीससे आपके ब्लॉग को खोज परिणामों में अच्छी रैंकिंग नहीं मिलेगी कहने का तात्पर्य यह है कि आप की सामग्री खोज परिणाम के सातवें या आठवें पृष्ठ में दिखाई देगी या खोज परिणाम में दिखाई भी नहीं देगी जिसका आपको कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि उतने पेज पर कोई जाएगा ही नहीं तो ट्राफिक आएगा ही नहीं।

इसीलिए आपको high-quality backlinks ही बनाने चाहिए। जब आप 1000 low-quality backlinks बनाने में अपना टाइम वेस्ट करते हैं उससे अच्छा है आप 100 quality backlinks बनाए जो आपकी साइट को 1000 low-quality backlinks से कई गुना फायदा करेगा। इसीलिए आप हाई क्वालिटी बैकलिंक्स जरूर बनाए यह आपकी blog traffic increase तो जरूर होंगी साथ ही साथ साइट का DA और PA भी बढ़ेगा।

13) Quora का यूज करें।

अगर मैं अपनी बात करूं तो जब मैंने नया ब्लॉग स्टार्ट किया था तब 80% ट्रैफिक मेरे ब्लॉग में Quora से ही आता था। अगर Quora का आप सही तरीके से यूज करते हैं तो यहा से आपको हजारों नहीं पर लाखों में ट्रैफिक मिल सकता है यह मेरा खुद का एक्सपीरियंस है जो मैं आपको यहा बता रहा हूं आप इसे जरूर ट्राई करें।

अक्सर, न्यू ब्लॉगर को traffic जल्दी नहीं मिलता है उनके लिए Quora बेस्ट विकल्प है जहां से कम समय में ट्रैफिक को बढ़ाया जा सकता है। अगर आप एक ब्लॉगर है तो Quora के बारे में आप भली-भांति जानते ही होंगे फिर भी मैं आपको बता देता हूं कि Quora एक क्वेश्चन एंड आंसर वेबसाइट। यहां पर आप कोई भी सवाल पूछ सकते हैं और किसी भी सवाल का जवाब भी दे सकते हैं।

यहां से ट्रैफिक लेने के लिए आपको Quora में अपना अकाउंट बनाना होगा फिर आप यहां पर सवाल जवाब कर सकते हैं। यहां पर आप ऐसे सवाल ढूंढे जिस पर आपने आर्टिकल लिखा है। और ऐसे सवाल ढूंढ के उनका अच्छे से जवाब दें और उन जवाब में कहीं भी आप अपने पोस्ट की लिंक दे सकते हैं। आपको पूरा जवाब नहीं देना है आधा जवाब लिखकर वहां पर अपने आर्टिकल की लिंक दे देनी है जिससे कि पूरा जवाब पढ़ने के लिए इस लिंक के जरिए लोग आपके ब्लॉग पर आएंगे इसी तरह से जितने ज्यादा सवाल के जवाब आप लिखेंगे उतना ही आपको ज्यादा फायदा होगा।

मैं आपको गारंटी के साथ कहता हूं यहां पर आप हर दिन के कम से कम 10 सवाल के जवाब भी देंगे तो आपके पेज व्यू जो 10 या 15 होते थे वह 200 से 300 तक हो जाएंगे और अगर आप Quora में लगातार काम करते रहे तो आपका traffic लगातार बढ़ता ही जाएगा। याद रहे आपको सभी सवाल के जवाब में अपना लिंक नहीं देना है समझो अगर आप 10 सवाल के जवाब देते हैं तो 3 या 4 ऐसे सवाल होने चाहिए जीन पर आपको लिंक नहीं देना है। अन्यथा आपका अकाउंट स्पैमिंग में आ जाएगा और बंद हो जाएगा।

14) Guest post करें।

Guest post एक ऐसा जरिया है जहां से आप अच्छी खासी ट्रैफिक ला सकते हैं। आप अपने ब्लॉग के नीच से रिलेटेड किसी दूसरे ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट कर सकते हैं जहां से आपको Do-follow backlink भी मिलेगा जो आपके ब्लॉग का DA, PA और Ranking को सुधरेगा लेकिन आप ऐसे ब्लॉग पर ही Guest post करें जो ज्यादा लोकप्रिय ब्लॉग है जिसका DA और PA ज्यादा है।

इस तरीके से आप अपनी साइट को ग्रो कर सकते हैं वह भी बहुत ही कम टाइम में और mostly न्यू ब्लॉगर इसी तरीके का यूज करके अपने ब्लॉग का traffic बढ़ाते हैं और मैं भी ऐसी पॉपुलर साइट पर गेस्ट पोस्ट कर चुका हूं जिसका फायदा मुझे मिला है। गेस्ट पोस्ट से ट्रैफिक तो जरूर बढ़ता है लेकिन साथ ही साथ दूसरे ब्लॉगर से परिचय भी होता है।

नोट: किसी भी साइट पर आपका Content तभी accept किया जाएगा जब आपका Content Unique होगा इस बात का जरूर ध्यान रखें।

15) Post को Update करें।

नई इनफार्मेशन के साथ अपने पुराने आर्टिकल को अपडेट करें। इससे आपका पुराना आर्टिकल नया हो जाएगा और लोग भी पुराने आर्टिकल से ज्यादा फ्रेश आर्टिकल पढ़ते हैं। और सर्च इंजन भी ऐसे ब्लॉग को ज्यादा पसंद करता है जो नई जानकारी के साथ अपने पोस्ट को Update करते रहते हैं और ऐसे ब्लॉग सर्च इंजन में बहुत जल्दी ही रैंक होते हैं। और रैंक होगा तो ट्राफिक तो आएगा ही तो अगर आप अपने Blogging करियर में सफलता हासिल करना चाहते हैं तो आप अपने ब्लॉग को नियमित अपडेट करते रहें।

पोस्ट को अपडेट करने से Google को ऐसा लगेगा कि आपने अपनी पोस्ट में कुछ नई जानकारी जोड़ी है या कुछ पुरानी जानकारी को रिमूव करा है। और जैसे-जैसे समय बदलता है वैसे-वैसे सभी चीज भी बदलती रहती है तो गूगल का भी यही है पुरानी जानकारी को ताजा करो और अपनी पोस्ट की रैंकिग सुधारो, अगर आप अपनी पोस्ट में कोई नई जानकारी नहीं जोड़ सकते फिर भी पोस्ट को अपडेट जरूर करें।

16) Social Media का यूज करें।

आज के टाइम में लगभग सभी यूजर्स सोशल मीडिया के साथ जुड़े हुए हैं। शायद ही कोई होगा जो इसका यूज ना करता हो। सोशल साइट का फायदा यह होता है कि यहां पर traffic बहुत ज्यादा होता है और यहां से आप अपने ब्लॉग वेबसाइट पर भी ट्रैफिक ला सकते हैं। बस आपको सभी सोशल साइट पर अकाउंट बना लेना है जैसे फेसबुक, टि्वटर Linkedin, Pinterest, etc. और अपने blog की सभी पोस्ट की लिंक को इस सोशल मीडिया साइट पर शेयर कर देना है। यहां से आपके ब्लॉग पर बहुत अधिक संख्या में ट्राफिक आ सकता है।

ब्लॉगिंग करने वाले लोगों के लिए यह social media एक ऐसा प्लेटफार्म होता है जहां से बहुत ही आसानी से ट्रैफिक को बढ़ाया जा सकता है। कई सारे लोग ऐसे हैं जिनका मुख्य स्त्रोत सोशल मीडिया ही होता है जहां से वह अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक खिचते हैं। पर ध्यान रहे दिन भर में एक या दो बार ही सोशल साइट पर पोस्ट शेयर करें। अन्यथा आपका पोस्ट लिंक शेयर ब्लॉक हो जाएगा और बाद में आप शेयर नहीं कर पाएंगे।

17) Youtube Channel बनाएं।

आज के टाइम में यूट्यूब में कितना traffic आता है वह तो आपको पता ही होगा जहां से आप अपने ब्लॉग वेबसाइट में ढेर सारा ट्राफिक ला सकते हैं। अगर आप अपने ब्लॉग में यूट्यूब से ट्रैफिक लाना चाहते हैं तो आप अपने ब्लॉग के विषय से related एक यूट्यूब चैनल बनाएं और आपके ब्लॉग पर जितने भी आर्टिकल हैं उन सभी आर्टिकल के ऊपर अलग-अलग वीडियो बना करके अपने Youtube channel पर अपलोड करें और डिस्क्रिप्शन बॉक्स में उस पोस्ट का लिंक दे ताकि उस लिंक के द्वारा आपके ब्लॉग वेबसाइट पर ट्रैफिक आ सके।

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यूट्यूब से आपको अपने ब्लॉग पर Traffic तो मिलेगा ही साथ ही साथ आप यहां से पैसे भी कमा सकते हैं। इसके लिए आप यह आर्टिकल पढ़े यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए?

इसके अलावा अगर आप उस वीडियो को अपने आर्टिकल में लगाते हैं तो search engine में भी आपकी पोस्ट जल्दी रैंक होगी। आपके विजिटर पोस्ट पढ़ने के बाद वीडियो भी देखेंगे जिससे आपके ब्लॉग का बाउंस रेट तो कम होगा साथ ही साथ आपके वीडियो में भी views बढ़ेंगे। और सर्च इंजन भी दृश्य सामग्री को ज्यादा महत्व देता है।

18) दूसरे blog पर Comment करें।

Blog traffic बढ़ाने के लिए यह तरीका भी कुछ हद तक काम आता है। साथ ही साथ यह से आपको No Follow Backlinks भी मिलता है। comments आपको ऐसे ब्लॉक पर ही करना है जो पॉपुलर हो और आपके ब्लॉग के नीच पर हो। कॉमेंट्स करने के लिए आपको उस Website के कमेंट बॉक्स में जाकर वहां पर यूनिक कॉमेंट्स करना है और अपने ब्लॉग या अपने किसी भी ब्लॉग पोस्ट का लिंक शेयर कर देना है। जहां से आपको एक no follow backlinks भी मिलेगा और ट्रैफिक भी मिलेगा।

यहां से जो आपको No follow backlinks मिलता है उससे आपके साइट की अथॉरिटी में भी सुधार होगा और यहां से आपको traffic भी मिलेगा बस आपको यह ध्यान में रखना है कि जिस साइड में आप Comment करें वह साइट हाई क्वालिटी वेबसाइट होनी चाहिए और आपको 1 दिन में 6 या 7 कमेंट ही करना चाहिए।

Conclusion

तो फ्रेंड्स i hope की हमारे द्वारा बताई गई blog pr traffic kaise badhaye की जानकारी आपको समझ में आ गई होगी यहां पर हमने आपको how to increase a website's traffic के बारे में समझाने की कोशिश की है आशा करते हैं यह माहिती आपके लिए यूज़फुल रहेगी। यदि आप ब्लॉगिंग में सफल होना चाहते हैं तो शुरुआत में आपको धैर्य रखना जरूरी हैं, क्योंकि न्यू ब्लॉग में इतनी जल्दी ट्रैफिक नहीं आएगा फिरभी आपको अपने ब्लॉग पर निरंतर काम करते रहना होगा धीरे-धीरे आपके ब्लॉग पर Organic traffic आने लगेगा और आप बहुत सारा पैसा कमा लेंगे जैसे जैसे आपका ब्लॉग पुराना होता जाएगा आपके ब्लॉग में ट्रैफिक बढ़ता जाएगा। बस आपको इस आर्टिकल में बताए गए सभी Points पर सही तरीके से काम करना है आप ब्लॉगिंग में जरूर सक्सेस होंगे।

और मैं यहां पर ऐसे ही नए-नए टॉपिक से जुड़े Information के आर्टिकल शेयर करता रहता हूं तो इसे तूरंत पढ़ने के लिए हमें E-mail से Subscribe करिए और साथ ही साथ अपने सुझाव देने के लिए Comment कीजिए और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा share करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकि सही जानकारी मिल सके।

धन्यवाद:


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Monday, February 3, 2020

SMS Full Form - SMS Ka Full Form क्या होता है?

SMS Full Form - SMS Ka Full Form क्या होता है?

SMS Full Form - SMS Ka Full Form क्या होता है आप हमारा यह आर्टिकल पढ़ रहे हैं मतलब की आपको sms full form के बारे में नहीं पता है लेकिन आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां पर हम आपको sms ka full form क्या होता है इसके बारे में तो बताएंगे पर साथ ही साथ sms की पूरी जानकारी भी देंगे। तो आप हमारा यह आर्टिकल पूरा लास्ट तक पढ़े आपकी इस बारे में जो भी समस्याए है दूर हो जाएगी।

एक समय था जब s.m.s. के बगैर मोबाइल आधा अधूरा सा लगता था क्योंकि उस समय में sms एक प्रसिद्ध संदेश सेवा हुआ करती थी और लोगों के ज्यादातर काम एसएमएस के जरिए ही पूरे हो जाते थे। लेकिन आज के टाइम में WhatsApp जैसी फ्री मैसेजिंग एप होने की वजह से लोग SMS को भुला ही चुके हैं फिर भी लोग SMS Full Form के बारे में जानने के लिए उत्सुक है। वैसे ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता ही होगा लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें SMS Ka Full Form पता नहीं।

आज का युग टेक्नोलॉजी का युग है और इस टेक्नोलॉजी के चलते हमारा जीवन भी मॉडर्न होता जा रहा है पहले लोग बातचीत करने के लिए भी Sms pack के लिए पैसे खर्च करते थे और कोई भी मैसेज भेजना हो वह s.m.s. के जरिए ही भेजते थे। लेकिन आज के समय में whatsapp, facebook जैसे सोशल मीडिया के चलते एसएमएस का यूज़ पहले से कई गुना कम हो गया है फिर भी आज के टाइम में प्रतिदिन 15 billion से भी अधिक sms सेंड होते हैं। और यही कारन है की लोग what is the full form of sms के बारे में जानना चाहते है।

SMS Full Form - SMS Ka Full Form
SMS Full Form

SMS Full Form - जानिए SMS Ka Full Form क्या होता है?

SMS Ka Full Form होता है Short Messaging Service जिसे हिंदी में कहा जाता है संक्षिप्त संदेश सेवा जिसे text message भी कहा जाता है जो शुरुआत में यह केवल GSM के लिए ही बनाया गया था और समय के साथ-साथ इसे CDMA के लिए भी बनाया गया और मौजूदा टाइम में आप इसका यूज सभी प्रकार के मोबाइल में कर सकते हैं और सभी टेलीकॉम कंपनीया इस फिशर का समर्थन करती है।

SMS (Short Messaging Service) जैसा नाम वैसा काम मतलब sms कि यह सेवा आपको 160 characters की लिमिट में है एक मैसेज भेजने की अनुमति देता है अगर मैसेज के characters 160 से ऊपर चले जाते हैं तो यह लंबे मैसेज खुद ही कई हिस्सों में डिवाइड हो जाएगे और आपके मैसेज का चार्ज भी उसी हिसाब से कटेगा हालांकि अभी के टाइम में एसएमएस के चार्ज पहले के मुकाबले बहुत कम है फ्री भी बोल सकते हैं।

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आज के समय में मैसेज भेजने के लिए आप whatsapp का यूज ज्यादा करते होंगे इसका मतलब यह नहीं है कि s.m.s. का क्रेज अब खत्म हो गया है। msg full form के बारे में आप यहा पर पढ़ने आए है मतलब की आज भी आप sms का यूज करते है और आज भी आपको किसी कंपनी से आने वाला मैसेज sms के जरिए ही मिलता होगा जैसे नेटवर्क ऑपरेटर, बैंक, इंश्योरेंस कंपनी, इत्यादि यह कंपनियां अपनी सर्विस की जानकारी एसएमएस के जरिए ही देती है यहां तक कि OTP जैसी जरूरी इंफॉर्मेशन भी उपयोगकर्ताओं को sms जरिए ही भेजी जाती है।

SMS Meaning : SMS का मतलब कया होता है?

sms meaning यानी sms का मतलब लगभग सभी लोगों को पता ही होगा की sms को आप अपने मोबाइल से किसी दूसरे के मोबाइल में उपलब्ध नेटवर्क के जरिए Short text message भेज सकते हैं। जैसा कि इसके नाम से ही हम समझ सकते हैं कि इसमें हम छोटे संदेश ही लिख सकते हैं इसका अर्थ यह है कि इसमें कोई बिना काम की बेकार बातें नहीं लिखी जाती क्योंकि आप फालतू की बकवास बातें लिखने जाओगे तो आपके characters की लिमिट खत्म हो जाएगी और आप मुद्दे की बात नहीं लिख सकेंगे इसीलिए इसमें सीधे काम की बात ही होती है।

SMS कैसे भेजते हैं यह तो आप सभी को पता ही होगा फिर भी जिन लोगों को नहीं पता उनको मैं बता देता हूं क्योंकि आप SMS Full Form के बारे में जानकारी लेने आए हैं तो मेरा भी फर्ज बनता है कि मैं आपको sms meaning की पूरी जानकारी भी दू हालांकि s.m.s. करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है बस आपके पास एक मोबाइल फोन होना चाहिए बाकी सभी फोन में एसएमएस का एप्लीकेशन अवेलेबल होता ही है जिसके जरिए आप sms भेज सकते हैं। SMS भेजनेवाला Sender कहलाता है और प्राप्त करने वाला Receiver कहलाता है। एसएमएस भेजने के लिए आपको s.m.s. लिखने के बाद उसे सामने वाले यानी कि receiver के नंबर पर सेंड बटन को प्रेस करके भेज देना है। आपका यह मैसेज कुछ ही सेकेंड के अंदर रिसीवर को मिल जाएगा।
SMS कैसे काम करता है ?

टेलीकॉम कंपनियों का सभी राज्यों में sms Center number अलग होता है जैसे आइडिया का एसएमएस सेंटर नंबर गुजरात में अलग और दिल्ली में भी अलग, किसी को भी यह sms के जरिए भेजा गया मैसेज पहले आप के टेलीकॉम कंपनी के sms center में पहुंचता है फिर वहां से अगर receiver यानी कि s.m.s. प्राप्त करने वाला यूजर अभी नेटवर्क एरिया में है तो उसे वह sms तुरंत ही प्राप्त हो जाएगा अन्यथा यह एसएमएस सेंटर में सेव रहेगा जब तक वह यूजर नेटवर्क एरिया में नहीं आ जाता।

अगर आपका फोन कई दिनों से बंद पड़ा है यानी कि स्विच ऑफ है या तो काफी समय से नेटवर्क से बाहर है उस समय आप के मोबाइल नंबर पर आने वाले सभी मैसेज sms center में जमा होते हैं और जैसे ही आपका फोन एक्टिव होता है तो धड़ाधड़ एक साथ बहुत सारे मैसेज आपके नंबर पर आने लगते हैं क्योंकि आपका फोन आपके नजदीक के किसी भी टेलीकॉम टावर से निरंतर कनेक्ट होता है और आपके द्वारा मैसेज सेंड करने पर उस मैसेज की जानकारी रेडियो वेव के जरिए एसएमएस सेंटर पर जाती है। उसके बाद अगर s.m.s. प्राप्त करने वाला व्यक्ति उसके नजदीकी टावर से कनेक्ट होगा तो वह मैसेज उसे तुरंत ही मिल जाएगा।

SMS का इस्तेमाल कम होनेका रीजन क्या है?

sms का यूज़ कम होने का कारण है दूसरे Messaging Apps में मिलने वाले ज्यादा फीचर जिसमें आप Emojis, Video, Audio, Photo, Document, इत्यादि जैसी फाइलें भी सेंड कर सकते हैं। और यही काम s.m.s. पर करना नामुमकिन है क्योंकि SMS पर आप सिर्फ लिखकर यानी text ही सेंड कर सकते हैं किसी भी तरह की फाइलें एसएमएस से नहीं भेजी जा सकती है।

हालांकि कि SMS का यूज़ कम जरूर हुआ है लेकिन पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है क्योकि दूसरे मैसेजिंग ऐप इस्तेमाल करने के लिए जरूरत पड़ती है स्मार्टफोन की जो आज भी बहुत से लोग इसे यूज करना नहीं जानती है। और Keypad Phone से इसकी प्राइस भी ज्यादा होती है। और भारत के ज्यादातर लोग गरीबी रेखा में आते हैं जो इसे खरीदना इनके लिए मुश्किल काम है। कई लोगों के पास सभी चीजें होने के चलते भी sms का यूज करते हैं वह इसीलिए की ज्यादातर Messaging Apps से आप मैसेज तभी कर सकते हैं जब सामने वाले व्यक्ति के फोन में भी वही मैसेजिंग ऐप इंस्टॉल हो, पर SMS से मैसेज आप किसी को कहीं पर भी भेज सकते हैं क्योंकि एसएमएस सभी फोन में पहले से ही अवेलेबल होता है।

SMS का इतिहास:

sms की यह सर्विस का आरंभ आज से ठीक 28 साल पहले हुआ था जो आज इस सर्विस के 28 साल पूरे हुए हैं। और दूसरे Messaging Apps से यह s.m.s. सेवा Safe मानी जाती है। 2 दिसंबर 1992 के टाइम में नील पापवर्थ ने पहला SMS मैसेज जारी किया था। और उसने वोडाफोन कंपनी के उस टाइम के निर्देशक रिचर्ड जेविश को क्रिसमस से पहले वार्म क्रिसमस (Warm Christmas) का मैसेज सेंड किया था।

sms की सेवा शुरू होने से टेलीकॉम इंडस्ट्री में एक नई क्रांति का आरंभ हुआ था। इस सेवा के शुरुआती टाइम में sms में 160 letter की सीमा में ही मैसेज भेज सकते थे उस टाइम इसे बढ़ाने का कोई way नहीं था। और धीरे-धीरे नई तकनीकी परिवर्तन से यह सीमा को भी समाप्त कर दिया गया।

प्रथम sms सर्विस देने वाली कंपनी वोडाफोन थी जो 1994 में इसका आरंभ किया था। और इस सेवा के आरंभ के दौर में यह कंपनी के नेटवर्क तक ही मर्यादित थी लेकिन कुछ सालों के बाद यानी 1999 में एक नए तकनीकी परिवर्तन से एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर मैसेज भेजा जाना मुमकिन हुआ। और लगभग 22 वर्षों तक यह सेवा पूरे विश्व में पॉपुलर रही। बाद में दूसरे मैसेजिंग एप के आगमन से इनका यूज कम होता गया। लेकिन आज भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो s.m.s. का यूज करते हैं।

अगर हम मोबाइल फोन की बात करें तो सबसे पहले मोबाइल फोन में sms की फैसिलिटी नोकिया कंपनी ने देना स्टार्ट किया था। फिर धीरे-धीरे हर एक मोबाइल कंपनी ने अपने मोबाइल फोन में यह फैसिलिटी देना स्टार्ट किया। और तब एंड्राइड मोबाइल नहीं थे तब बेसिक मोबाइल में एसएमएस के फिशर का अधिक महत्व था क्योंकि तब लोगों को अपने मोबाइल बैलेंस से अधिक SMS बैलेंस की चिंता रहती थी ताकि कोई भी फेस्टिवल हो या किसी का बर्थडे लोग sms के द्वारा विश करना नहीं भूलते थे।

SMS के फायदे:

वैसे sms के फायदे तो बहुत है जिसके कारण यूजर sms को ज्यादा पसंद करते हैं दूसरे sms प्लेटफार्म के तुलना में।

  • sms करने के लिए आपको इंटरनेट की आवश्यकता नहीं रहती है जबकि दूसरे मैसेजिंग एप जैसे व्हाट्सएप में आप बिना इंटरनेट के मैसेज नहीं भेज सकते हैं।
  • sms आप कभी भी कर सकते हैं साहे receiver यानी कि एसएमएस प्राप्त करने वाला नेटवर्क एरिया में है या नहीं जबकि कॉल करने के लिए नेटवर्क का होना जरूरी है।
  • आप जो भी मैसेज सेंड करते हो वह रिसीवर को तुरंत ही मिल जाता है अगर वह नेटवर्क एरिया में हुआ तो।
  • किसी को कॉल करने पर अगर वह आपका कॉल नहीं लेता है तो आप अपनी बात को sms के जरिए भी बता सकते हैं।
  • कई बार ऐसा होता है कि आप किसी काम में busy है और कॉल रिसीव नहीं कर पाते हैं। उस समय आप एक sms छोड़ कर बता सकते हैं कि अभी आप busy हैं।

Conclusion

तो फ्रेंड्स i hope कि अब आपको जानकारी मिल गई होंगी कि sms ka full form क्या है. यहां पर हमने आपको sms full form और पूरा sms meaning के बारे में समझाने की कोशिश की है। आशा है यह माहिती आपके लिए यूज़फुल रहेगी। और मैं यहां पर ऐसे ही नए-नए टॉपिक से जुड़े Information के आर्टिकल शेयर करता रहता हूं तो और अगर आप ऐसे ही दूसरे पोस्ट पाना चाहते है तो हमें E-mail से Subscribe करिए और साथ ही साथ अपने सुझाव देने के लिए Comment कीजिए और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा share करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकि जानकारी मिल सके।

धन्यवाद: